सुनिए भारत | नई दिल्ली
भारत ने पुलवामा जैसी घटनाओं का करारा जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और गुलाम कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंक के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस निर्णायक कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
आतंकी आकाओं के अड्डों पर सटीक वार
मंगलवार देर रात 1:05 बजे से 1:30 बजे के बीच भारतीय सेना ने पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। हमले में लश्कर, जैश और हिजबुल के शीर्ष नेतृत्व के अड्डों को नेस्तनाबूद कर दिया गया। तीनों आतंकी संगठनों को ऐसा झटका लगा है कि वे “खून के आंसू” रोने को मजबूर हो गए हैं।
हाफिज सईद के अड्डों का खात्मा
लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के मुरदके, सवाई नल्ला और बरनाला स्थित आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। मुरदके स्थित कैंप लश्कर का मुख्यालय माना जाता था जहां आतंकी ट्रेनिंग दी जाती थी। बरनाला और सवाई नल्ला में हथियार और IED प्रशिक्षण दिया जाता था।
मसूद अजहर को सबसे बड़ा झटका
जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को इस ऑपरेशन में सबसे गहरी चोट पहुंची है। जैश के बहावलपुर मुख्यालय के साथ-साथ सरजाल, बिलाल कैंप और कोटली स्थित लॉन्च पैड को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। इस हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 सदस्य, जिसमें उसकी बहन, बहनोई, भांजा-भांजी और पांच बच्चे शामिल हैं, मारे गए हैं। मसूद अजहर के तीन नजदीकी सहयोगियों और उसकी मां की भी मौत की पुष्टि हुई है।
सैयद सलाहुद्दीन की ताकत भी टूटी
हिजबुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाहुद्दीन के कोटली, मेहमूना जोया (सियालकोट) और राहील शाहिद कैंप को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों से हिजबुल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था। हमले में कारी मोहम्मद इकबाल समेत 10 अन्य आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया है। कारी इकबाल कोटली में आतंकी कैंप का संचालन करता था।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साफ कर दिया है कि भारत अब आतंक के हर ठिकाने को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह कार्रवाई न सिर्फ बदले की कार्यवाही थी, बल्कि आने वाले समय के लिए एक सख्त चेतावनी भी है।






