Churu Fighter Jet Crash: राजस्थान के चुरु जिले में बीते दिन बुधवार को इंडियन एयर फोर्स का मिग-21 लड़ाकू विमान नियमित अभ्यास के दौरान तकनीकी खराबी के कारण क्रैश (Churu Fighter Jet Crash) हो गया है। इस हादसे में देश ने अपने दो जांबाज पायलट को खो दिया है। दोनों की कहानी बेहद इमोशनल है। तो आइए आपको बताते है शहीद होने वाले पायलट ऋषिराज सिंह और लोकेंद्र सिंह सिंधु के बारे में…..
चुरु फाइटर जेट हादसे में शहीद हुए दो जवान
चुरु फाइटर जेट क्रैश (Churu Fighter Jet Crash) हादसे में शहीद होने वाले लेफ्टिनेंट ऋषिराज सिंह देवड़ा सिर्फ 23 साल के थे। और पाली जिले के खिवांदी गांव के रहने वाले थे। आपको बता दें, ऋषिराज ने जयपुर से अपनी 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की, जिसके बाद उन्होंने पुणे में नेशनल डिफेंस एकेडमी में एडमिशन लिया।करीब 3.5 साल की ट्रेनिंग लेने के बाद वह भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलेट बने। ऋषिराज पढ़ाई में बेहद हुस्यार थे, और अनुशासनप्रिय थे। उनके माता- पिता उनके विवाह के लिए लड़की ढूंढ रहे थे। लेकिन बेटे की शहादत की खबर आते ही परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
2011 में एयरफोर्स में शामिल हुए थे स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु
चुरु फाइटर प्लेन क्रैश (Churu Fighter Jet Crash) हादसे में दूसरे शहीद होने वाले पायलट स्क्वॉड्रन लीडर लोकेंद्र सिंह सिंधु है। आपको बता दें, लोकेंद्र हरियाणा के रोहतक के रहने वाले थे। उनकी उम्र 44 साल की थी। लोकेंद्र 2011 में वायुसेना में भर्ती हुए थे। हाल ही में वह एक महीने पहले पिता बने थे।लोकेंद्र के बड़े भाई ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बीते दिन सुबह जगुआर पर ट्रेनिंग मिशन पर गए थे। और अपने बेटे की तस्वीर फैमिली ग्रुप में शेयर की थी। लोकेंद्र के पिता MDU यूनिवर्सिटी से अधीक्षक के पद से रिटायर्ड हुए है।





